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सूत्रों के अनुसार, ये 15 विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से तीन निर्वाचन जिलों अल्पसंख्यक बहुल मालदा, तटीय दक्षिण 24 परगना और कोलकाता उत्तर, में स्थित हैं। संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने समयसीमा बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को भेज दिया है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावे और आपत्तियों पर सुनवाई की समयसीमा शनिवार को समाप्त हो रही है। हालांकि, करीब 15 विधानसभा क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्धारित समय सीमा में दो दिन की बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, ये 15 विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से तीन निर्वाचन जिलों अल्पसंख्यक बहुल मालदा, तटीय दक्षिण 24 परगना और कोलकाता उत्तर, में स्थित हैं। संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने समयसीमा बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को भेज दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार तक की प्रगति को देखते हुए, इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए समयसीमा बढ़ाने की सिफारिश भारत निर्वाचन आयोग के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजी जाएगी।
शुक्रवार शाम तक, सुनवाई में उपस्थित न होने के कारण चार लाख से अधिक मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची से हटाने के लिए चिन्हित किया गया है। इन मतदाताओं को उपस्थित होने के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन वे सुनवाई में नहीं आए।
इनमें से करीब 50 हजार अनमैप्ड मतदाता हैं, जबकि लगभग तीन लाख 50 हजार मामले तार्किक विसंगति से जुड़े हैं। अनमैप्ड मतदाता वे हैं, जो 2002 की मतदाता सूची से स्व-मैपिंग या वंशानुक्रम मैपिंग के जरिए अपना संबंध स्थापित नहीं कर पाए। वहीं, तार्किक विसंगति वाले मामलों में वंशानुक्रम मैपिंग के दौरान परिवार संबंधी आंकड़ों में असामान्यताएं पाई गईं।
गौरतलब है कि दिसंबर में प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के समय, मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट पाए जाने के कारण 58 लाख 20 हजार 899 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद हटाए गए मतदाताओं की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
अंतिम सूची जारी होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग का पूर्ण पीठ पश्चिम बंगाल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करेगा। इसके बाद ही इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की मतदान तिथियों की घोषणा की जाएगी।
इस बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों की पीठ में अहम सुनवाई प्रस्तावित है।